शिक्षा का अधिकार कानून
वंचित समूह और कमज़ोर वर्ग के बच्चों का प्रायवेट स्कूलों की प्रथम कक्षा में निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था

  • निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत बनाये गये नियम दिनांक- 26 मार्च 2011 से लागू। नियम अंतर्गत वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए प्रायवेट स्कूलों तथा केन्द्रीय विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया निर्धारित।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में कक्षा 1 में अथवा प्री स्कूल की शिक्षा से प्रारंभ होने वाले प्रायवेट स्कूलों की प्रवेशित कक्षा में, न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य। शासन द्वारा नियमानुसार फीस की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था।
  • स्कूल की पड़़ोस की बसाहटों में निवासरत् इन वर्गों के परिवार के बच्चें उपरोक्त सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
  • निःशुल्क प्रवेश हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2021 एवं 25 प्रतिशत बच्चों के लाटरी द्वारा चयन ।
  • प्रवेश के बाद संबंधित स्कूल में कक्षा 8 तक निःशुल्क अध्ययन की सुविधा।
वंचित समूह और कमजोर वर्ग कौन हैं ?

वंचित समूह - वंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार और 40 प्रतिशत से अधिक निःशक्तता वाले बच्चे शामिल।

कमजोर वर्ग - कमजोर वर्ग में गरीबी रेखा के नीचे के परिवार शामिल।

HIV ग्रस्त बच्चे

वंचित समूह, कमजोर वर्ग तथा HIV ग्रस्त वर्ग का प्रमाण -
  • वंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति के लिए राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार के लिए संबंधित पट्टा या वन अधिकार अधिनियम के तहत जारी अधिकार पत्र, निःशक्तता वाले बच्चों के लिए 40 प्रतिशत से अधिक निःशक्तता का चिकित्सीय प्रमाण पत्र या उपरोक्त सभी के लिए किसी अन्य शासकीय दस्तावेज में दर्ज जानकारी के आधार पर प्रवेश।
  • कमजोर वर्ग के लिए बी.पी.एल./ अंतयोदय कार्ड मान्य।
  • महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा पंजीकृत अनाथ बच्चे
  • HIV ग्रस्त केटेगरी का है तो जिला मेडिकल वोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र:
  • कोविड-19 से माता-पिता/अभिभावक की मृत्यु के कारण अनाथ बच्चे
पड़़ोस की बसाहट से तात्पर्य क्या है ?

ग्रामीण क्षेत्र - स्कूल से संबंधित ग्राम तथा उसकी सीमा से लगे हुए ग्राम तथा शहरी क्षेत्र की सीमा से लगे वार्ड, यदि कोई हो, पड़ोस की सीमा होगी।

नगरीय क्षेत्र- स्कूल से संबंधित वार्ड तथा उसकी सीमा से लगे हुए वार्ड तथा उसकी सीमा से लगे हुए ग्राम, यदि कोई हो, पड़ोस की सीमा होगी।

पड़ोस की विस्तारित सीमा - यदि, पड़ोस की सीमा स्थित बसाहटों में प्रवेश के लिए न्यूनतम 25 प्रतिशत संबंधित वर्ग के बच्चे उपलब्ध नही होते हैं तो उससे लगी पड़ोस की बसाहट के बच्चों को प्रवेश के लिए विचार में लिया जाएगा।

पड़ोस हेतु प्रमाण - पड़़ोस के बसाहट के निवासी प्रमाण के लिए बिजली, पानी का बिल, मतदाता परिचय पत्र, राशन कार्ड, भू अधिकार पुस्तिका, बी.पी.एल./ए.पी.एल. कार्ड, ड्रायविंग लायसेंस, ग्रामीण क्षेत्र का रोजगार गांरटी योजना (म.न.रे.गा.) का जॉब कार्ड या अन्य शासकीय दस्तावेजों की प्रति मान्य। यदि आप उपरोक्तानुसार वंचित समूह या कमज़ोर वर्ग से हैं। तो अपने बच्चों को उन स्कूलों में जिनके पड़ोस की बसाहटों में आप रहते हैं, की कक्षा 01 अथवा नर्सरी में निःशुल्क प्रवेश दिला सकतें हैं। इस हेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें|अधिक जानकारी के लिये आपके जि़ले के जि़ला शिक्षा अधिकारी कार्यालय या जि़ला शिक्षा केन्द्र, सर्व शिक्षा अभियान या BRC कार्यालय में संपर्क करें|


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